Sunday, April 28, 2024

मातृत्व


प्रकाशन : साहित्य संगम बुक्स
वर्ष : 2022
विषय :  मां

Sunday, December 31, 2023

HAPPY NEW YEAR OFFER

*जय श्री कृष्णा*
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
अगर आप कोई पुस्तक प्रचार प्रसार के लिए स्वयं से प्रकाशित करने की सोच रहें हैं तो आपके लिए सुनहरा अवसर है। *Happy New Year* ऑफर में सभी सदस्य महज *8999/– रुपए* में अपनी पुस्तक प्रकाशित कर सकते हैं। 

✍️ *दिनांक 01 जनवरी से 01 फरवरी तक ही उपलब्ध*

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1. *पुस्तक प्रकाशित होने के बाद वह डिजिटल कॉमर्स वेबसाईट अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध होंगे।*

2. *कवर डिजाइन और आईएसबीएन के लिए कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली जाएगी।*

3. *आपकी पुस्तक आप तक बिना किसी अतिरिक्त डाक खर्च के फ्रैम्ड सर्टिफिकेट और मेडल के साथ आपकों भारतीय डाक की त्वरित डाक सेवा के माध्यम से उपलब्ध होंगे।*

4. *आपकी पुस्तक निम्न लिखित प्रकृति में प्रकाशित की जाएगी*

१.कुल पृष्ठों की संख्या : 100

२. लेखकीय प्रतियां : 50

३. पुस्तक का आकार/पेपर साइज़ : A5

४.कागज का प्रकार:
75GSM NORMAL PAPER

५.मुद्रण रंग : BLACK & WHITE (काली सफेद छपाई)

 ६. मुद्रण का तरीका : DOUBLE SIDE PRINTING (दोनो ओर छपाई) 

७. बाइंडिग : SOFT COVER BINDING (केवल सॉफ्ट कवर बाइंडिंग में उपलब्ध)

नोट : रॉयल्टी के दृष्टिकोण से यदि आपकी पुस्तक की बिक्री अच्छी खासी होती है तो मूल्य का 90% रॉयल्टी आपको प्राप्त होगी। 

*_यह भी ध्यान रखें कि प्रायः पाया गया है कि पुस्तकें दो – चार – दस की संख्या में बिक्री के बाद शिथिल पड़ जाते हैं ऐसी स्थिति में रॉयल्टी देना संभव नहीं होगा।_*


*विशेष जानकारी के लिए व्यक्तिगत रुप से संपर्क करें।*
© साहित्य संगम बुक्स

Sunday, August 20, 2023

गणेश वंदना

गणेश वंदना
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जय गणपति जय गिरिजा नंदन,
मूषक वाहन असुर निकंदन,
वक्रतुंड शुचि सूंड सुहावन,
मंगल मूर्ति जय पाप नशावन।

जय गणेश जय जय गणनायक,
आदि देव जय सब सुख दायक,
भाल चंद्र जय जय गजकर्णक,
सुमुख सुरेश जय विघ्न विनाशक।

दुर्वा दल श्रृंगार तुम्हारा,
पान फूल लगे कितना प्यारा,
एकदंत दयावंत कहाते,
विकट विनायक सबके मन भाते।

जय जय हे सिद्धि बुद्धि के दाता,
जय महेश जय पार्वती माता,
सुंदर शोभा अद्भुत तन की
आन हरो अब विपदा जन की।

देते सबको वर मन अभिलाषित,
तुमसे सृष्टि है परिभाषित,
शब्द शब्द मैं महिमा गाऊं,
चरण कमल में भाव चढ़ाऊं।

दास अमित की वंदना, करना प्रभु स्वीकार,
साष्टांग दंडवत नमन करते बारंबार।।
               – अमित पाठक शाकद्वीपी 

Saturday, August 12, 2023

है कौन गुनाहगार यहां

है कौन गुनाहगार यहां
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भोली भाली सी घरेलु मैं लड़की सीधी साधी थी,
दिन भर मैं यूं बोर न हो तो कुछ लिखने पढ़ने की आदी थी ।

लिखती थीं मैं भी कविताएं ऐसे ही मंच पर,
किसको दोषी ठहराऊं अब उस दिन के उस दंश पर।

बैठी थी यूंही तो फ़िर सोशल मीडिया खोल लिया,
कुछ भाव लिए  कुछ शब्द लिए, कविता में ही कुछ बोल लिया।

आदेश मंच हुआ कि काव्य संग छवि भी लगानी है,
ज्ञात नहीं था किस किस की मुझ पर यूं निगरानी है।

काव्य सृजन को मान मिले तो मैं भी सबकुछ भूल गई,
पोस्ट कर के कविता अपनी आनंद में झूल गई।

सबने देखी सबने परखी सबने प्रशंसा के पुल गढ़े,
लेखनी पर गर्व किया अरमान अब थे और बढ़े।

न जाने किसने मंचो से मेरी छवि चुराली,
अज्ञात से किसी एप्प में भद्दी सी कर डाली।

धीरे धीरे उसका भी प्रचार हुआ,
घर से बाहर कैसे निकलूं इतना फिर दुर्व्यवहार हुआ।

किसकी है ये भूल कहूं क्या , है कौन गुनाहगार यहां,
मेरी नादानी है गलत या मंच जिसने छवि के लिए कहा।

अनजाने में हुआ अनर्थ कोई क्यूं इसका नुकसान सहे,
मंच कहेगा है स्वयं की गलती, हमनें ऐसे नहीं कहें।

दोष अब लगाने से भी कोई न बात बने,
खुद को दोषी न मानेंगे चाहें कितनी भी ठने।

प्रेरित तो आपसे ही हुई थी लिखने को आपके मंच पर,
रोती हूं अब प्रहर प्रहर मैं आंसू है हर अंश पर। 

नर नारी की चेतना का बस अब इतना ध्यान रहें,
लेन देन हो किसी चीज का तो चीज का भी मान रहें।

सही है क्या गलत यहां है इसका कोई तो बोध हो,
किसकी कितनी गलती है इस पर भी कोई शोध हो।

उस दंश का यूं पीर है मन में, जा रही हूं अब आराम को,
अपनी गलती को ठीक करने, चली अनंत विश्राम को ।

मृत्यु ही अब शेष यहां है क्या करेंगे अब इस जीवन का,
दाग गहन है , द्वेष गहन है न भार घटेगा इस मन का।
                         – अमित पाठक शाकद्वीपी

स्वरचित, मौलिक रचना
#जनहित में जारी
कहीं भी फोटो अपलोड करने से पहले पुरा विचार करें। निजता के नियम का कहीं विरोध न हो।

Wednesday, June 21, 2023

किसी पब्लिशिंग हाउस से कैसे जुड़े??


स्वयं को पब्लिशिंग हाउस से जोड़ने के लिए निम्नलिखित कदमों का पालन करें सकते हैं:

  1. अवलोकन करें: पहले दौरभाग्य के लिए विभिन्न पब्लिशिंग हाउसों का अवलोकन करें। वेबसाइटों, पत्रिकाओं, और सामान्य बुकलेट्स आदि पर ध्यान दें और देखें कि किस प्रकार की कविताएं वे प्रकाशित कर रहे हैं। इससे आप जान सकते हैं कि कौनसे पब्लिशिंग हाउस कविताओं को ध्यान देते हैं और उनकी रुचि के अनुसार अपनी कविताएं भेज सकते हैं।

  2. पब्लिशिंग हाउस के गाइडलाइन का अध्ययन करें: जब आप किसी पब्लिशिंग हाउस के साथ संपर्क स्थापित करते हैं, तो उनके गाइडलाइन का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें। यह आपको समझने में मदद करेगा कि वे कैसे साहित्यिक कार्यों को आंकने और प्रकाशित करने के लिए उठाए जाने वाले मानकों को विवरणीकरण करते हैं। उनके गाइडलाइन में खास ध्यान दें और उन्हें अपनी कविताओं को समर्पित करने के पूर्व अपनाएं।

  3. संपर्क सूत्र खोजें: पब्लिशिंग हाउस के संपर्क सूत्र की खोज करें और उनके संपर्क का नंबर या ईमेल पता ढूंढें। आप उनसे संपर्क करके अपनी कविताओं का एक नमूना भेज सकते हैं या उनसे जान सकते हैं कि क्या वे आपके रचनात्मक कार्यों के लिए अवलोकन करेंगे। अगर संभव हो तो उनसे मिलने का अनुरोध करें और अपने विचारों और कार्य की विस्तार से चर्चा करें।


  1. सम्मेलनों और कार्यशालाओं में हिस्सा लें: कई पब्लिशिंग हाउस लेखकों और कवियों के साथ सामरिक कार्यशालाओं या सम्मेलनों में हिस्सा लेने का आयोजन करते हैं। इसलिए, ऐसे कार्यक्रमों के बारे में जानें और उनमें भाग लें। आपको इस तरीके से अन्य कवियों के साथ मिलने और नेटवर्किंग करने का मौका मिलेगा, जिससे आप पब्लिशिंग हाउस के नए और अच्छे संपर्कों को प्राप्त कर सकते हैं।

  2. नवीनतम ट्रेंडों का ध्यान रखें: पब्लिशिंग हाउस के साथ जुड़ने के लिए, आपको ध्यान देना होगा कि आजकल कौनसे शैलियों और ट्रेंडों की मांग है। लघुकथा या नज़्म के अलावा और किस प्रकार की कविताएं लोग प्राथमिकता देते हैं। आपके कविताओं के टॉपिक, रूपरेखा और भाषा को उन ट्रेंडों के साथ मेल खाने का प्रयास करें।

  3. अपने काव्य राष्ट्रीय पत्रिकाओं और स्थानीय प्रकाशनों में प्रकाशित करें: पहले आपके कविताएं प्राकाशित हों, उन्हें देश भर की प्रमुख पत्रिकाओं और प्रकाशनों में भेजें। यह आपको पहचान बनाने और पब्लिशिंग हाउस की दृष्टि में आने में मदद कर सकता है।

पब्लिशिंग हाउस के साथ जुड़ने के लिए, आपको धैर्य, संवेदनशीलता और संगठनशीलता रखनी चाहिए। सभी हाउस अलग-अलग हो सकते हैं और आपकी कविताओं को समीक्षा करने के लिए समय ले सकते हैं। इसलिए, निरंतर प्रयास करें और अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित रहें।

Saturday, June 10, 2023

भाव विभोर

प्रकाशन :  साहित्य संगम बुक्स
वर्ष : 2023
लेखक  : बलवंत सिंह राणा

रंगों की बौछार


प्रकाशन : साहित्य संगम बुक्स
वर्ष : 2023
संकलक : वर्षा श्रेयांस जैन

उनसे इश्क करके


प्रकाशन : साहित्य संगम बुक्स
वर्ष : 2022
संकलक : अमित पाठक शाकद्वीपी 

सीमंतिनी

प्रकाशन : साहित्य संगम बुक्स
वर्ष : 2023
संकलक  : अमित पाठक शाकद्वीपी


प्रीत की डोर


प्रकाशन : साहित्य संगम बुक्स
वर्ष : 2022
संकलक : प्रिया प्रसाद

काव्यांश



प्रकाशन : साहित्य संगम बुक्स
वर्ष : 2022
संकलक : अमित पाठक शाकद्वीपी

स्तुति दीपिका

प्रकाशन : साहित्य संगम बुक्स
वर्ष : 2022
विषय :  मां

मंतव्य

प्रकाशन : साहित्य संगम बुक्स
वर्ष : 2022
विषय : मां

E-book copy :  Not 🚫 Available 

मातृत्व

प्रकाशन : साहित्य संगम बुक्स वर्ष : 2022 विषय :  मां E-book copy